जाती भेद
“मोहन जल्दी जल्दी झाड़ू लगा थोड़ी ही देर
में भक्तों का ताँता लगने वाला है |” पुजारी ने मोहन से कहा
जी पंडित जी कह कर मोहन जल्दी जल्दी हाथ चलाने लगा
सारी सफाई करने के बाद मोहन पंडित जी के समीप आकर बोलो पंडित जी मैं भी भगवान्
के हाथ जोड़ आऊं आज महाशिवरात्रि है
पागल होगया क्या आज के दिन तू सबसे पहले हाथ जोड़ेगा अपनी जाती
नहीं जनता क्या, सब
अपवित्र करेगा क्या जा दोपहर के बाद आना
मोहन गेट के पास ही गया था कि उसने देखा उसकी जाती का विधायक
सबसे पहले महादेव के दर्शन करने के लिए आया
पंडित जी प्रसन्नतापूर्वक आया और विधायक जी के हाथ जोड़ कर
उन्हें मंदिर के अंदर ले गया
मोहन अपनी ही जाती में जाती भेद ढूँढने लगा
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