Sunday, November 30, 2014

लघु कथा- “चाय की कीमत’’



चाय की कीमत’’

‘’बहू चाय लाना’’
चाय के लिए ये उसकी चौथी आवाज़ थी | आज तक ऐसा नहीं हुआ था | वह हैरान था सुबह के सात बज चुके थे तभी उसकी नज़र अख़बार पर पड़ी आज महीने की 5 तारीख हो गयी उसे ध्यान आया की उसने अभी तक अपनी पेंशन बैंक से नहीं निकाली है |
अब वह अभी तक चाय न मिलने का कारण अब उसकी समझ में आ चूका था | फिर उसने चाय के लिए आवाज नहीं लगायी |

No comments:

Post a Comment