गरीब की हाय
“सर वो गरीब था और आपने उसे जरुरत से ज्यादा ब्याज ले लिया क्या आपको गरीबों की हाय से डर नहीं लगता’’
सेक्रेटरी ने ब्याज का बिजनेस करने वाले मालिक से पूछा
मालिक ने सेक्रेटरी की और देखा और गर्व से बोला
“आज कल सब मिलावटी है न असली गरीब है न असली हाय डरने की कोई जरुरत नहीं है|
तभी उसका मोबाइल बजा दूसरी ओर से आवाज़ आयी “ मि मल्होत्रा मैं सिटी हॉस्पिटल से बोल तरह हूँ आपके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है आप जल्दी हॉस्पिटल आ जाये’’
वह सेक्रेटरी के चेहरे को देखने लगा|
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